गोरखपुर। अब गीताप्रेस की पुस्तकों का कवर पेज और आकर्षक होगा। भीतर इस्तेमाल किए गए चित्रों की छपाई और भी लुभावनी होगी। इसके लिए गीताप्रेस गोरखपुर में जापान से उच्च गुणवत्ता वाली मशीन मंगाई गई है। इसके इस्तेमाल से अब गीताप्रेस की पुस्तकें न सिर्फ नए कलेवर में दिखेंगी बल्कि प्रोडक्शन में भी तेजी आएगी।
उत्पाद प्रबंधक लालमणि तिवारी ने बताया कि कवर पेज और चित्रों की छपाई के इंतजार में पुस्तकें लटक जाती थीं। पुरानी मशीन से मांग के अनुरूप तेजी से छपाई नहीं हो पा रही थी। इसलिए प्रबंधन ने करीब पौने तीन करोड़ की मशीन मंगाई है। हाई स्पीड वाली यह मशीन एक घंटे में चार कलर एक साथ छापते हुए करीब 14000 शीट की छपाई करेगी। मशीन की छपाई गुणवत्तापूर्ण और बेहतरीन है। इसके इस्तेमाल से पुस्तकों में लगने वाले चित्र और कवर की क्वालिटी में काफी सुधार हो जाएगा। गीताप्रेस के ट्रस्टी बैजनाथ अग्रवाल ने मशीन का पूजन किया। इसके बाद सुंदरकांड के विशिष्ट संस्करण की 25 हजार प्रतियां छापी गईं। आर्ट पेपर पर चार रंग के चित्रों के साथ छपी इस पुस्तक के हर पृष्ठ पर सुंदरकांड से संबंधित बजरंगबली की लीला का चित्र है। कीमत सिर्फ 25 रुपये है।
करीब दो हजार पुस्तकों की होती है छपाई
गीताप्रेस में विभिन्न भाषाओं में करीब दो हजार पुस्तकें प्रकाशित होती हैं। इनमें से करीब 1800 पुस्तकें नियमित प्रकाशन वाली हैं। इन पुस्तकों की लोकप्रियता का बड़ा कारण संस्था की विश्वसनीयता और किताबों की कीमत का कम होना भी है। गीताप्रेस की पुस्तकों के देश ही नहीं विदेशों में भी कद्रदान हैं।